कैंसर Kay hai , प्रकार , कारण , लक्षण और उपचार

            कैंसर kya hai , प्रकार , कारण ,                 लक्षण और उपचार 


नमस्कार दोस्तों , आज हम जानेंगे कैंसर के बारे में सबकुछ कि कैंसर kya hai ? , इसके प्रकार , लक्षण , कारण , और उपचार के बारे में । 

कैंसर Kay hai , प्रकार , कारण , लक्षण और उपचार




            कैंसर kya hai ( what is cancer ) 


हमारा शरीर अनेक प्रकार की सेल्स या कोशीकाओ से मिलकर बना है, ठिक उसी तरह जिस तरह अनेक प्रकार की ईंटों से मकान या इमारत बनाई जाती हैं। 


कोशिकाएं या सेल्स से शरीर के अंग भी बनते हैं, और यही अंग मिलकर एक स्वस्थ शरीर का निर्माण करते हैं। यह सेल्स शरीर के D.N.A. के द्वारा नियंत्रित होती है, यह D.N.A. एक कंप्यूटर साॅफ्टवेयर की तरह सेल्स को नियंत्रित करता है। 


कोशिकाएं शरीर में हमेशा विभाजित होती रेहती है, और नई कोशिकाएं बन जाती है, जेसाकी आपने पढ़ा की यह सब D.N.A. के माध्यम से होता , पर कभी कभी D.N.A. से गलतीया हो जाती है, और खराब सेल्स बन जाती है, और यह भी विभाजीत होती रेहती है, उनकी संख्या भी बढ़ती जाती है, और शरीर का कोई अंग ठिक तरीके से काम नहीं करता और आगे चलके कैंसर का रुप ले लेता है। 


हमारे शरीर के सभी अंग एक-दूसरे से जुड़े हुए होते , यही खराब कोशिका दुसरे अंग में भी प्रवेश करती है, और उसको भी काम करने में अड़चन आती है। और कैंसर पूरे शरीर में फैलता है। शुरुवात में शरीर एक ही अंग में बनने वाले खराब कोशिका यानी कैंसर कोशिकाओं पेहले स्टेज का कैंसर ( praimary stege cancer ) और बाद में दुसरे अंग में प्रवेश कर ने पर यह सेकंडरी कैंसर ( secondary cancer ) या मॅटॅस्टीक कैंसर ( metastatic cancer ) कहते हैं। 


       कैंसर के प्रकार ( types of cancer ) 


कैंसर के मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं । 

1) ब्लड कैंसर ( blood cancer ) :- ल्युकेमिया एक प्रकार का ब्लड कैंसर होता है , इसमें बोर्नमैरो में सफेद कोशिकाएं बेहद जल्दी बढ़ती है, इसमें इसकी जगह , कैंसर कोशिकाएं बढ़ती है और अच्छी कोशिकाओं बढ़ने की जगह नहीं मिलती । 


2) साॅलिड ट्युमर ( solid tumors ) :- इस अवस्था में कैंसर कोशिकाएं शरीर अंग में गुच्छा बनाकर रेहती, जिसे ट्युमर केहते है, यह जिस अंग में रेस्तरां है उस अंग को खराब करती है , शरीर के किसी भी हिस्से में यह बढ़ सकता है, इसके भी दो प्रकार होते हैं, 


A) विनाईन ट्युमर ( ) :- यह ट्युमर जान के लिए इतना ख़तरनाक नहीं होता क्योंकि यह बहोत धीरे धीरे बढ़ता है , 

B) मेलगेनीस ट्यमर ( ) :- यह ट्युमर बहोत तेजी से बढ़ता है, और जान के लिए ख़तरनाक होता है, इसलिए इसका तुरंत उपचार करना चाहिए । 

अन्य प्रकार :- 

3) साक्रोमा ( sacorma ) :- यह कैंसर हड्डियों , मांसपेशियो , रक्त वाहिकाओं का एक कैंसर हैं ।


4) कार्सीनोमा ( carcinoma ) :- कार्सीनोमा कैंसर त्वचा और ऊतकों से शुरू होता है, और बाद में अन्य अंगों को प्रभावित करता है। 

4) लिंफोमा ( lymphoma ) :- यह एक इम्युनिटी का कैंसर होता है। इसके साथ मायलोमा भी इम्युनिटी का ही कैंसर होता है। 



        कैंसर के कारण ( cause of cancer ) 


1) शराब का सेवन ( alcohol abuse ) :- शराब का सेवन कैंसर का एक कारण होता है, अधिक समय तक शराब का सेवन करने से लिवर कैंसर होता है। 


2) धुम्रपान करना ( smoking ) :- धुम्रपान करना यानी सिगरेट और तंबाखू का सेवन भी कैंसर का सबसे बड़ा कारण होता है, इससे मुंह और गले का कैंसर होता है।

3) छोटे बच्चों में ( young children ) :- छोटे बच्चों में होनेवाले कैंसर का कारण अभी साफ तौर पर साफ नहीं है, क्योंकि छोटे बच्चों में अंग तेजी से बढ़ते यह भी कैंसर का कारण बन सकता है । 

4) गलत खानपान ( eating wrong ) :- गलत खानपान भी कैंसर कारण होता है, इससे पित्ताशय का कैंसर होने की संभावना होती है। 


           कैंसर के लक्षण ( cancer symptoms                  in Hindi ) 


1) वजन ( Weight ) :- अचानक से वजन कम या ज्यादा होना कैंसर का एक लक्षण होता है 

2) थकान (tiredness ) :- अगर दिनभर काम करते समय में जरुरत से थकान या कमजोरी महसूस होती हो तो यह भी कैंसर का लक्षण होता है। 


3) त्वचा बदलाव ( skin changes ) :- त्वचा के किसी भी हिस्से में बार बार नील पड़ जाती हो या उसके नीचे गाठ मेहसूस हो तो यह भी कैंसर का लक्षण होता है। 


4) खांसी ( cuff ) :- लंबे समय से खांसी या सांस लेने में कठिनाइ हो रही हो तो यह भी कैंसर का लक्षण होता है।  

5) पाचन रोग ( digestive disease ) :- पाचन रोग भी इसका एक लक्षण होता है, पाचन समस्या में बार बार दस्त , कब्ज़ होते हैं। 

6) भुक कम लगना ( loss of appetite ) :- कैंसर के लक्षणों में भुक भी कम होती या खाने की इच्छा ही नहीं होती। 


7) बार बार बुखार आना ( frequent fever ) :- अगर बार बार बुखार आने की समस्या होती हो तो यह भी कैंसर का लक्षण होता है। 

8) मांसपेशियों में दर्द ( muscle pain ) :- अगर बार बार मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द मेहसूस हो, तो यह कैंसर के शुरूवाती लक्षण होते हैं, और साथ ही रात को ज्यादा पसीना आना भी इसमें शामिल हैं । 

9) संक्रमण होना ( getting infected ) :- बार बार संक्रमण होना भी एक कैंसर का लक्षण होता है। 

            कैंसर के उपचार ( cancer                                 treatment in Hindi ) 


सबसे पहले बच्चों की बात करते हैं, वेसेतो बच्चों में कैंसर किस प्रकार का होता है, इसपर ही उसका उपचार निर्भर होता है, इसका निर्णय भी डॅाक्टर द्वारा लिया जाता है, 
दुसरा सॉलिड ट्युमर के लिए सर्जरी का उपयोग ही किया जाता है, इसके लिए ऑपरेशन से ट्युमर और उसके आसपास के ऊतकों को निकाला जाता है। 

साथ ही भस्त्रिका प्राणायाम और अनुलोम-विलोम जैसे  प्राणायाम और योग भी करें सकते ,हम यह नहीं के रहे हैं कि इससे कैंसर ठिक हो जायेगा , पर इस बिमारी से लडने में काफी मददगार होते हैं। 



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